रायबरेली। वर्ष 2019-20 में गांवों में विकास कार्य कराने के लिए कार्यों को ग्राम पंचायत विकास प्लान (जीपीडीपी) ऑनलाइन न करने पर शासन ने गंभीर रुख अपनाया है। जिले की 989 ग्राम पंचायतों में अब तक मात्र 128 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना की ऑनलाइन की गई है।
डीएम नेहा शर्मा के निर्देश के बाद जिले के पांच ब्लॉकों के एडीओ (पंचायत) को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही आठ को कठोर चेतावनी दी गई है। सभी एडीओ को तीन दिन के अंदर शत-प्रतिशत प्रगति पूरी करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
अगले वित्तीय वर्ष में राज्य वित्त, चौदहवें वित्त, तेरहवें वित्त आयोग से गांवों में विकास कार्य कराने के लिए कार्ययोजना जीपीडीपी पर अपलोड करने के आदेश दिए गए थे। बीती 20 फरवरी तक यह काम शत प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन दीनशाह गौरा, महराजगंज, सतांव, शिवगढ़ और ऊंचाहार के एडीओ ने एक भी गांव की कार्ययोजना फीड नहीं कराई है।
मामले में गौरा के एडीओ प्रेमचंद्र, महराजगंज के एडीओ अशोक कुमार बेनू, सतांव के एडीओ राम मिलन चौधरी, शिवगढ़ के एडीओ सीताराम और ऊंचाहार के एडीओ जयशंकर तिवारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा हरचंदपुर, रोहनियां, डलमऊ, अमावां, जगतपुर, सरेनी, डीह, राही, छतोह के एडीओ (पंचायत) को कठोर चेतावनी देते हुए तीन दिन में लक्ष्य के सापेक्ष काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
यह है कार्ययोजना अपलोड करने की प्रगति
बछरावां ब्लॉक में 53 पंचायतों में 36, सलोन में 86 पंचायतों में 53, खीरों में 60 में 17, हरचंदपुर में 56 में नौ, रोहनियां में 26 में दो, डलमऊ में 76 में चार, अमावां में 55 में दो, जगतपुर में 39 में एक, सरेनी में 81 में एक, डीह में 41 में एक, राही में 73 में एक गांवों की कार्ययोजना जीपीडीपी पर ऑनलाइन कराई गई है। अन्य ब्लॉकों की प्रगति शून्य पर अटकी है। एडीओ ने एक भी ग्राम पंचायत की कार्ययोजना अपलोड नहीं की है।
जीपीडीपी पर विकास की कार्ययोजना फीड कराने में फिसड्डी पांच एडीओ (पंचायत) को प्रतिकूल प्रविष्टि व खराब प्रगति वाले आठ ब्लॉकों के एडीओ को कठोर चेतावनी दी गई है। तीन में प्रगति न सुधारने पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति कर दी जाएगी।
उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी