रायबरेली। सरकारी अस्पतालों से दूर बसे पांच ब्लॉकों के 60 गांवों के लोगों के इलाज के लिए बुधवार को सीएमओ कार्यालय में मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस वैन में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एलटी, स्टाफ नर्स के अलावा अलावा पैथालॉजी, डिस्पेंसरी, ईसीजी आदि की सुविधा उपलब्ध है। गांवों में ओपीडी की सारी सुविधाएं लोगों को मौके पर ही मिल सकेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अति पिछड़े गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए मेडिकल मोबाइल ट्रीटमेंट वैन जिले को दी गई है। सीएमओ व एसीएमओ ने हरी झंडी दिखाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से वैन को रवाना किया गया।
मोबाइल यूनिट के माध्यम से प्राथमिक उपचार के साथ ही संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग एवं बेसिक लैब टेस्ट की सुविधाएं भी गांव स्तर पर उपलब्ध होगी। परिवार नियोजन से संबंधित अंतरा व छाया टीके के साथ ही कॉपर-टी आदि का लाभ भी गांव स्तर पर लोगों को मिल सकेगा।
जिले के छतोह, ऊंचाहार, महराजगंज, अमावां और जगतपुर ब्लॉक के 12-12 गांवों को इसके लिए चुना गया है। इसमें असरफपुर, बहेरवा, मोखरा, बारा, हलोर, कुसुमी, सलेथू, ज्योना, मैदापुर, बारा, पचखरा आदि गांवों को शामिल किया गया है।
इन गांवों में एमएमयू टीम पहुंचकर रोगियों का इलाज करेगी। इस मौके पर डॉ. कृष्णा सोनकर, डॉ. एम. नारायण, डा. नागेंद्र प्रसाद, डॉ. खालिद रिजवान, डॉ. एके चौधरी, अंजली सिंह, कमलेश आदि मौजूद रहे।