सदर तहसील परिसर में पड़े आधार कार्ड।
रायबरेली। सदर तहसील में शुक्रवार को नाले के पास आधार कार्ड पड़े मिले। मामला संज्ञान में आते ही तहसील और डाक विभाग के अफसरों ने मौके पर जाकर जांच की। आशंका है कि आधार कार्डों का वितरण न कर उसे नाले के पास फेंक दिया गया। डाककर्मियों की लापरवाही से ऐसा हुआ। आधार कार्ड किसने फेंके, इसकी जांच शुरू करा दी गई है। आधार कार्डों को कब्जे में लिया गया है।
सदर तहसील गेट के पास नाला है। इसी नाले के पास सुबह 10 बजे आधार कार्ड पड़े मिले। एसडीएम सदर गौतम सिंह की सूचना पर डाक विभाग की टीम के अलावा पुलिस मौके पर पहुंची। डाक विभाग की तरफ से आधार कार्ड जारी किए गए थे। डाककर्मियों की तरफ से आधार कार्ड संबंधित व्यक्ति के घरों तक पहुंचाए जाते हैं। इस इन्हें वितरण के बजाय तहसील परिसर में फेंक दिया गया।
एसडीएम सदर ने बताया कि डाक विभाग को प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। डाक विभाग के अफसर ही इस मामले की जांच करेंगे। उधर, डाक अधीक्षक अनूप अग्रवाल ने बताया कि करीब 50 से 55 आधार कार्ड तहसील के पास पाए गए हैं। मौके पर अफसरों की टीम भेजी गई थी। जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
फर्जी आधार कार्ड बनाने का सक्रिय है गिरोह
रायबरेली में फर्जी आधार कार्ड बनाने का गिरोह सक्रिय है। गाहे-बगाहे गिरोह के सदस्यों की तरफ से फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने के खुलासे होते रहे हैं। ये दीगर बात है कि गिरोह के सरगना आज तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। 16 अक्तूबर 2024 को डीह पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर साइबर फ्राड करने वाले पांच आरोपियों बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के शेखूपुरा निवासी सुनील कुुमार, मोहल्ला रतनपुरी निवासी अमित कुमार, अंशू कुमार, गोगई निवासी वसीम खान और नई बस्ती निवासी सारिफ हुसैन को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के पास से छह आधार कार्ड बरामद हुए थे। बछरावां, सलोन इलाके में भी फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने का खुलासा हो चुका है। सदर तहसील के पास से बरामद आधार कार्ड असली हैं या फिर फर्जी, इसकी भी जांच कराई जा रही है।