रायबरेली। जिले में बृहस्पतिवार रात आंधी-पानी से टिनशेड गिरने से दबकर महिला की मौत हो गई, जबकि बेटी घायल हो गई। पेड़ों के गिरने से दो अन्य महिलाएं भी घायल हो गईं। एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। पेड़ों के गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।
अमावां प्रतिनिधि के मुताबिक गौचारा मजरे राही गांव निवासी शकुंतला (50) बेटी शिवानी (19) के साथ घर के बाहर स्थित टिनशेड के नीचे चारपाई पर सो रही थीं। उसी दौरान आंधी-पानी के चलते आम का पेड़ टिनशेड पर गया, जिससे टिनशेड भरभराकर ढह गया।
मां-बेटी टिनशेड के नीचे दब गईं। परिजनों ने पेड़ की डालें काटकर टिनशेड के नीचे से मां-बेटी को निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शकुंतला को मृत घोषित कर दिया।
सतांव प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी-पानी के चलते जतुआ टप्पा के पास रायबरेली-सेमरी मार्ग पर महुआ का पेड़ गिर गया। इससे एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। वन दरोगा महेंद्र कुमार ने बताया कि टीम ने पेड़ की डालें काटकर आवागमन बहाल करा दिया।
शहजादपुर गांव निवासी मुन्नी देवी के घर की छत पर नीम का पेड़ गिर गया। इससे दो कमरों की छत भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि मुन्नी देवी और उनके परिवार के लोग बाहर सो रहे थे। क्षेत्रीय लेखपाल पूजा शुक्ला ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया गया है। पीड़ित परिवार को मदद दिलाई जाएगी।
शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक दहिगवां गांव निवासी रीता शुक्ला (50) अपने भांजे अंकित त्रिवेदी के साथ बाइक से बेडारू गांव जा रही थीं। शुक्रवार दोपहर करीब 11.20 बजे बांदा-बहराइच हाईवे स्थित पिपरी गांव के पास महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। इससे रीता शुक्ला घायल हो गई, जबकि उनका भांजा बच गया।
पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। आसपास के लोगों का कहना रहा कि आंधी-पानी के चलते पेड़ गिरा है। लोगों को दूसरे मार्गों से जाना पड़ा। वन विभाग की टीम ने पेड़ की डालें काटकर आवागमन बहाल कराया।