सरेनी (रायबरेली)। कमरे से भूसा निकालते समय शिक्षामित्र को सर्प ने डस लिया। शिक्षामित्र को लगा कि उसकी अंगुली में चोट लगी है।टिटनेस का इंजेक्शन लगवाकर वह निश्चिंत हो गए। हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई।
कहिंजर के सुनील कुमार सिंह (58) प्राथमिक विद्यालय उमरापुर में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। बुधवार को सुबह कमरे से भूसा लेने के लिए गए थे, तभी उन्हें अंगुली में कुछ नुकीली चीज चुभने का अहसास हुआ। उन्होंने घाव पर डिटॉल लगाया। इसके बाद गांव में चिकित्सक से टिटनेस का इंजेक्शन लगवा लिया।
घर पहुंचने पर उन्होंने परिजन से चक्कर आने की बात कही। कुछ देर में ही उनकी हालत खराब होने लगी। घर वाले उन्हें सीएचसी ले गए। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उधर, ग्रामीणों ने भूसे के हटाया तो उनको सर्प दिखाई पड़ा। परिवारजन ने आननफानन में सर्प के काटने की जानकारी दी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ देर में ही उनकी मौत हो गई।
समय से लगता इंजेक्शन तो बच जाती जान
परिवारजन का आरोप है कि सीएचसी में सर्प के काटने की बात बताई गई, लेकिन चिकित्सक ने अस्पताल में सीएससी में स्नेक वेनम न होने की बात कह कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक राजेश गौतम का कहना है कि सीएचसी में 20 वायल एंटी स्नेक वेनम है, लेकिन परिवारजन ने बताया कि कील चुभ गई है, इस लिए टीका नहीं लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि समय से टीका लग जाता तो उनकी जान बच जाती। सुनील की मौत की जानकारी हाेते ही बेटे रजत सिंह, वैभव सिंह, पत्नी सीमा सिंह व बेटी मनु सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।