लालगंज (रायबरेली)। मां तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया...। क्या मुझमें तुम्हारा कोई अंश नहीं...। इसमें मेरा क्या दोष था जो तुमने पैदा होते ही मुझे अपने आंचल की छांव से दूर कर दिया। शायद कुछ ऐसे ही सवाल उस नवजात बच्ची के मन-मस्तिष्क में कौंध रहे होंगे, जिसे पैदा होते ही उसकी मां ने झाड़ियों में फेंक दिया। मामला महाखेड़ा गांव का है, जहां शुक्रवार सुबह एक नवजात बच्ची खंडहर में पड़ी मिली।
गांव की रहने वाली शिवकली पत्नी विजय कुमार ने बताया कि सुबह करीब तीन बजे उनके घर से थोड़ी दूरी पर एक नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब रोने की आवाज देर तक आती रही तो खंडहर में जाकर देखा कि झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची बिलख रही थी। उसके शरीर पर मच्छर लिपटे हुए थे। नवजात के मिलने की जानकारी होने पर उसे देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
उन्होंने बताया कि लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची लालगंज थाने की पुलिस ने बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि बच्ची का वजन दो किलो 350 ग्राम है, वह स्वस्थ है। उसके बदन पर खरोंच के निशान हैं। फिलहाल उसे जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती कराया गया है।
प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे खंडहर में किसने और क्यों छोड़ा इसकी जांच की जा रही है।