रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। पहले से ही दो प्लेटफॉर्मों पर लिफ्ट और एक प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर लगे हुए हैं। अब एक और प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए प्लेटफॉर्म पर खोदाई कराई जा रही है।
शहर के रेलवे स्टेशन पर छह प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें चार प्लेटफाॅर्मों पर ही ट्रेनें रुकती हैं और यात्रियों का आवागमन होता है। प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दो पैदल पुल बने हैं। पश्चिमी छोर के पैदल पुल को एस्केलेटर और लिफ्ट से लैस किया जा रहा है, जबकि पूर्वी छोर के पैदल पुल पर सिर्फ सामान्य सीढि़यां ही बनी हैं।
पश्चिमी छोर के पैदल पुल पर चढ़ने और उतरने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर एस्केलेटर लगे हैं, जबकि प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो पर लिफ्ट की सुविधा भी है। अब इसी पैदल पुल के लिए प्लेटफॉर्म नंबर चार पर लिफ्ट लगाने का काम शुरू हुआ है। वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) अरुण कुमार ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर चार पर लिफ्ट लगाने का काम गति शक्ति करा रहा है।
एस्केलेटर लगने की उम्मीदें कम
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर जिस जगह लिफ्ट लगाने का काम शुरू हुआ है, उसी जगह पर पहले एस्केलेटर लगाने की योजना बनी थी। इसके लिए लखनऊ से एस्केलेटर भी आ गए थे, जो स्टेशन के पास ही खुले आसमान के नीचे रखे हैं। बारिश में भीगने से बचाने के लिए पॉलिथिन लगा दी गई है। कई महीने से एस्केलेटर ऐसे ही पड़े हैं। नापजोख कराई गई थी, लेकिन इसे लगाने का काम शुरू नहीं हुआ था। अब लिफ्ट लग रही है तो एस्केलेटर लगने की उम्मीद कम हो गई है।
वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) अरुण कुमार का कहना है कि लखनऊ से आए एस्केलेटर की ऊंचाई कम है, जबकि पैदल पुल की ऊंचाई अधिक है। ऐसे में किसी भी प्लेटफाॅर्म पर लगाने में काफी दिक्कत आएगी। इस एस्केलेटर को लगेगा या नहीं, इस बारे में उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे।