जिला अस्पताल के वार्ड दो के इसी बेड नंबर दो में भर्ती था फरार किशोर।
रायबरेली। राजकीय संप्रेक्षण गृह में एक महीने में दूसरी बड़ी वारदात हो गई। कथित मारपीट में घायल किशोर बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को वह तड़के हथकड़ी समेत भाग गया। उसकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही सोते रहे। भनक लगने के बाद किशोर की तलाश की गई, लेकिन सुराग नहीं लगा है। कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है।
बीती 28 फरवरी को राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर बंदी संदिग्ध हालात में घायल हो गया। कोई किशोरों में आपस में मारपीट तो कोई किशोर की पिटाई की बात कर रहा है। किशोर को घायलावस्था में रात 9.30 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाने के बाद वार्ड दो के बेड संख्या दो पर भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। एक मार्च को तड़के किशोर संप्रेक्षण गृह के सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफल रहा। भागते समय वह एक अन्य मरीज की चप्पल भी पहनकर उठा ले गया। अब तक फरार हुए किशोर की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
रात में ही अस्पताल प्रशासन ने शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रात में ही किशोर की तलाश शुरू कर दी, लेकिन अब तक उसका सुराग नहीं लगा है। इस मामले में प्रोबेशन अधिकारी विभाग पर मामले को दबाने का आरोप लग रहा है। शहर कोतवाल शिवशंकर सिंह का कहना है कि मामला जानकारी में है। किशोर की तलाश की जा रही है।
इनसेट
पिछले माह किशोर ने पी लिया था थिनर
पिछले फरवरी माह में राजकीय संप्रेक्षण गृह से एक किशोर बंदी भाग गया था। उसे कानपुर देहात में पकड़ा गया था। गृह की सुरक्षा में लगे होमगार्डों की लापरवाही और अनदेखी से किशोर बंदी रात में मुख्य गेट को फांदकर भाग गया था। बताते हैं कि पकड़े जाने के बाद किशोर बंदी ने संप्रेक्षण गृह पहुंचने के बाद थिनर पी लिया था। उसका इलाज एम्स में कराया गया था। प्रोबेशन अधिकारी की सुस्ती से आए दिन संप्रेक्षण गृह में ऐसी घटनाएं हो रही हैं।