जिला अस्पताल में शनिवार को खून की जांच कराने के लिए लगी भीड़।
रायबरेली। जिले में बुखार और डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार की चपेट में आने से वृद्धा और डायरिया से छह माह की बच्ची की जिला अस्पताल में मौत हो गई। शनिवार को हालत बिगड़ने पर 32 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया। ओपीडी में भी भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गत शुक्रवार शाम गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के शिवमंगलखेड़ा निवासी अनुष्का (6 माह) पुत्री रामसिंह को डायरिया की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। लालगंज क्षेत्र के लोदीपुर उतरावां निवासी सरोज (73) को बुखार के चपेट में आने के बाद भर्ती कराया गया। इलाज में इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गई।
शनिवार सुबह से ही इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई। एक-एक करके बुखार और डायरिया के मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। शनिवार को बुखार के चपेट में आने के बाद प्रतीक (2), वैष्णवी (12), अर्चना (23), दीपांशू (22), माया (34), सुनील कुमार (22), राघवेंद्र (29), डायरिया की चपेट में आने के बाद दीपक (30), उर्मिला (40), रासी (2), महक (17), सहदेव (15), देवीशंकर (60) समेत 32 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया।
उधर, ओपीडी में सुबह से ही भीड़ बढ़ गई। परचा बनवाने के बाद मरीजों ने ओपीडी कक्षों के बाहर बारी आने के लिए घंटों इंतजार किया। ब्लड की जांच के लिए पैथोलॉजी के बाहर लंबी लाइन लगी रही। दवा लेने के लिए भी काउंटर पर मारामारी रही। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव के कारण बुखार व डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। लोग एहतियात बरतें और समस्या होने पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।