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अवमानना में पांच वकीलों को तीन माह की सजा

Tue, 21 Oct 2014 05:30 AM IST
Raebareli
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रायबरेली। जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले पांच अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने कोर्ट की अवमानना का दोषी पाया है। सात साल पुराने इस मामले में सभी को तीन-तीन माह की कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न अदा करने पर 15 दिन के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।
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करीब सात साल पहले 14 सितंबर 2007 को जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले कुछ अधिवक्ताओं ने अदालत में पीठासीन अधिकारी के साथ अभद्रता की थी, जिस पर फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के तत्कालीन अपर सत्र न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने वकीलों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई करने की याचना उच्च न्यायालय से की थी। अवमानना मामले में सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा एवं न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार सिंह की बेंच ने अधिवक्ता रमेश चतुर्वेदी, धीरज श्रीवास्तव, गोपाल खन्ना, पीपी तिवारी और रामू त्रिपाठी को कोर्ट अवमानना का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान आरोपी वकीलों ने अदालत से क्षमा याचना भी की लेकिन कोर्ट ने अस्वीकार कर दी। हालांकि अधिवक्ताओं को तीन माह की राहत दी गई है, ताकि यदि वे चाहें तो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
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