रायबरेली (ब्यूरो)। नवरत्ना डीएपी खाद के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। उप कृषि निदेशक ने करीब दो महीने पहले डलमऊ व सलोन की खाद की दुकानों में नमूने लिए थे। जांच में नमूने फेल मिलने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने तीनों दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। साथ ही तीनों दुकानों पर रखी नवरत्ना डीएपी की बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी है
बीती चार जुलाई को उप कृषि निदेशक ने सलोन और डलमऊ की दुकानों पर छापेमारी करके डीएपी के नमूने लिए थे। जांच में तीनों दुकानों की डीएपी में नत्रजन व फास्फेट की मात्रा मानक से कम पाई गई। 18 प्रतिशत नत्रजन के स्थान पर 16.24 प्रतिशत पाया गया। इसके अलावा नमूनों की जांच में 46 प्रतिशत फास्फेट में 44.86 प्रतिशत पाया गया। खाद के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला कृषि अधिकारी एसके पांडेय ने सलोन के राजापुरमाफी स्थित धर्मेंद्र कुमार, सलोन स्थित तरुण रस्तोगी और मुराई बाग स्थित हिम्मत सिंह की खाद की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कृषि अधिकारी ने निलंबित दुकानों पर मौजूद नवरत्ना डीएपी खाद की बिक्री भी रोक दी है।