रायबरेली। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेलमार्ग पर शहर के डबल फाटक पर बनाए गए पुल की स्लैब के टूटकर गिरने के मामले में डीएम ने जांच व कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। निर्माण कार्यों में बरती गई मनमानी के कारण ही ओवरब्रिज की स्लैब के टूटने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालांकि सेतु निगम की ओर से मरम्मत का कार्य आरंभ करा दिया गया है।
36 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा बनवाए गए ओवरब्रिज पर आवागमन वर्ष 2011 से आरंभ हो गया था। 23 जून को ओवरब्रिज की स्लैब टूट गई थी। इससे शहर का यातायात प्रभावित हो गया। निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण तीन साल में ही ओवरब्रिज जर्जर हो गया। मामले में डीएम ने गंभीर रुख अपनाते हुए सेतु निगम के अधिशासी अभियंता को पूरी रिपोर्ट मांगी थी। सेतु निगम के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने शासन को पत्र लिखकर निर्माण में बरती गई लापरवाही की जांच व कार्रवाई की संस्तुति की है। उधर ओवरब्रिज के मरम्मत का कार्य सेतु निगम की ओर से शुरू कर दिया गया है। ओवरब्रिज की स्लैब को तोड़ने का काम चल रहा है। कार्य शुरू होने के कारण ओवरब्रिज से यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।