रायबरेली। शारदा सहायक नहर की कटी पटरी छह दिन बाद भी पूरी तरह से बांधी नहीं जा सकी है। ऐसे में किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। उनको धान की बेड़न डालने के साथ रोपाई जो करनी है। किसान यही कह रहे हैं कि यदि जल्द ही नहर की कटी पटरी पूरी तरह से नहीं बांधी गई तो धान की रोपाई का कार्य पिछड़ेगा। इससे उन्हें नुकसान उठाना पडे़गा। उधर, पटरी बांधने के लिए मिट्टी डालने का काम जारी है, लेकिन रेलवे और सिंचाई विभाग के अफसरों के बीच खींचतान मची है।
छह दिन पहले शारदा सहायक नहर की पटरी कट गई थी। इससे जैतूपुर, मीरगंज, महुवारी का पुरवा आदि गांवों में मकान और छप्पर ढह गए थे। गृहस्थी तहसनहस हो गई थी। शारदा सहायक नहर की पटरी बांधने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी डलवाई जा रही है। पूरी तरह से पटरी न बंधने के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर में पानी छोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। जिस तरह से पटरी बांधने का कार्य चल रहा है, उससे अभी एक सप्ताह का समय और लग सकता है। नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण रायबरेली के अलावा पड़ोसी जनपदों के किसान प्रभावित हैं।