रायबरेली। शहर के सोनिया नगर हो या फिर नया पुरवा, नजूल की सैकड़ों बीघे जमीन पर बसे यह मोहल्ले अफसरों को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। शासन से लगातार अफसरों को नजूल की जमीनों से अवैध कब्जे रोकने के निर्देश मिल रहे हैं, लेकिन इससे बेपरवाह लेखपाल अपनी जेब गर्म कर करोड़ों रुपये की जमीनों पर कब्जा कराने में मशगूल है। यहां तक कि जमीनों को फ्रीहोल्ड तक कराने में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। करीब 300 बीघा जमीनों पर अवैध कब्जे कर मोहल्ले बसते जा रहे हैं। इन सबसे बेखबर अफसर शासन को मनमाफिक रिपोर्ट भेजने में लगे हुए हैं।
सदर नगर पालिका परिषद के चक अहमदपुर, ग्रिबशाह का पुरवा, बालापुर, चतुर्भुजपुर, कप्तान का पुरवा, रतापुर, देवानंदपुर, जैतुपुर, मुंशीगंज, मोहद्दीनपुर समेत कई इलाके ऐसे हैं, जो कि शहर से सटे हैं। इन स्थानों पर काफी संख्या में नजूल की जमीनें हैं। इन पर दिनोंदिन कब्जा होता जा रहा है। यहां पर तैनात लेखपाल जानकर भी अनजान बने हुए हैं। करोड़ों की जमीनों को ले-देकर भूमाफिया कब्जे कर प्लॉटिंग करवा रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कभी-कभार ही अभियान चलाया जाता है। शहर की सैकड़ों बीघे जमीन पर अवैध कब्जा है। यह सिलसिला थमने के बजाए लगातार चल रहा है। लेखपालों की मदद से अब तक काफी जमीन दूसरे के नाम करा दी गई है। इसकी शिकायतें भी सदर नगर पालिका और सदर तहसील के अफसरों से की जाती है, लेकिन इसको लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।