रायबरेली। जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। कहीं पर तार टूट रहे हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। कठगर बिजली उपकेंद्र का इनकमिंग फीडर फुंक जाने से 300 गांवों की बत्ती गुल हो गई। वहीं सरेनी क्षेत्र में मलके गांव उपकेंद्र से निकली लाइन के तार कई स्थानों पर टूटकर गिर गए। इस क्षेत्र में भी 12 गांवों की बिजली गुल हो गई है। इससे 312 गांवों के तीन हजार से अधिक उपभोक्ता बिना बिजली के बेहाल हैं। वहीं उसरू ग्राम सभा का ट्रांसफार्मर फुंक जाने से सरकारी और निजी नलकूप के अलावा कल कारखाने भी ठप हो गए हैं। यही हाल कई और इलाकों का भी है।
डलमऊ प्रतिनिधि के अनुसार कठगर पावर हाउस के तीन फीडरों से इलाकाई गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शनिवार की देर रात पावर हाउस का एक इनकमिंग फीडर फुंक गया। इस फीडर से जुड़े मनेहरू, सड़वा, सैदनपुर, तेरूखा, उतरावां, कैली, रसूलपुर गहिरवारी, उमरामऊ समेत करीब 300 गांवों की बत्ती गुल हो गई। इन गांवों के ढाई हजार से अधिक उपभोक्ता अंधेरे में हैं। रविवार शाम तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है। एसडीओ उमेश सिंह का कहना है कि सोमवार तक इनकमिंग फीडर की मरम्मत हो जाएगी।
सरेनी प्रतिनिधि के अनुसार मलके गांव पावर हाउस से पांच फीडर निकलते हैं। शनिवार की रात करीब दो बजे पावर हाउस के पास ही एक फीडर का तार टूट कर गिर पड़ा। सूचना मिलने के बाद लाइनमैन ने आपूर्ति बंद कराई। तार को जोड़ा और फिर लाइन शुरू कर दी। तभी लालू का पुरवा गांव के पास फिर इसी फीडर का तार टूट कर गिर पड़ा। इस तरह 24 घंटे के अंदर इस फीडर में करीब तीन स्थानों पर तार टूटने की घटनाएं हुई। क्षेत्र के पर्वत खेड़ा, गेगासो क्रासिंग, सिंघौर तारा, पूरे गौतमाही, बैरिया समेत करीब 12 गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। रविवार शाम जेई शैलेंद्र मौर्या ने बताया कि रालपुर में लगे एक निजी नलकूप के ट्रांसफार्मर के जल जाने से यह समस्या आई थी। फाल्ट को दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। भोजपुर प्रतिनिधि के अनुसार सरेनी उपकेंद्र से निकले भोजपुर फीडर से उसरू ग्रामसभा को बिजली आपूर्ति होती है। दो दिन पहले ट्रांसफार्मर रखा गया था, जो रविवार को फुंक गया। इससे तमाम घरों की बत्ती गुल हो गई। इसके अलावा महराजगंज, ऊंचाहार, फुरसतगंज, जायस, गदागंज इलाकों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही।