डलमऊ (रायबरेली)। पौराणिक नगरी डलमऊ में तीन दिन के शोक के बाद शुक्रवार को होली खेली गई। बच्चों के साथ बड़ों ने भी रंगों की बौछार से लोगों को सराबोर किया। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। शाम को लोग एक-दूसरे से गले मिले और होली की बधाई दी। डलमऊ कस्बा समेत 36 गांवों में होली की मस्ती लोगों के सिर चढ़कर बोली। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा।
सुबह से ही होली की उमंग, रंगों की बौछार और अबीर-गुलाल के बीच बच्चों और युवकों की टोलियों ने खूब हुड़दंग किया। मोहल्लों से निकलकर सड़क और गलियों से गुजरने वाले लोगों को रंग से सराबोर किया। वहीं महिलाओं ने एक-दूसरे के घरों में मंडली के साथ पहुंचकर रंग खेला। गांवों में फाग गायन हुए, तो बच्चों ने डीजे पर जमकर डांस किया। डलमऊ, मुराई बाग कस्बा, नाथखेड़ा, खपराताल, पूरे रेवती सिंह, पखरौली, सुरजूपुर, कटरा, पम्पापुर, लाल का पुरवा, अंबारा, पूरे सुबेदार, खजूरी समेत दर्जनों गांवों में होली की धूम रही। बच्चों और युवाओं ने खूब मस्ती की। बच्चों की टोलियां हाथ में पिचकारी लेकर एक-दूसरे पर रंग डालती रहीं।