रायबरेली। भाई-बहन के बीच अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन जिले भर में धूमधाम से मनाया गया। बुधवार को बहनों ने भाई की कलाई पर अटूट रिश्ते की डोर बांधी। भाई को टीका लगाकर मुंह मीठा कराया। साथ ही उनके दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने बहनों को खुश करने के लिए उपहार तो किसी ने साड़ी, सूट आदि दिए। पर्व को लेकर पूरे दिन उल्लास का माहौल रहा। बाजार में उमड़ी भीड़ से त्योहार का अंदाजा साफ लग रहा था। बाजारों में बहना ने भाई को कलाई में प्यार बांधा है..., भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना..., चंदा रे मेरे भइया से कहना... आदि गाने गूंजते रहे।
रक्षाबंधन पर सुबह से ही चहल-पहल बढ़ गई थी। राखी बांधने का मुहूर्त सुबह का ही होने के कारण मिठाई और राखी की दुकानें तड़के ही खुल र्गईं। स्थिति यह रही कि प्रमुख दुकानों की मिठाई तो एक दिन पहले मंगलवार को ही खत्म हो गई थी। इसके चलते अन्य दुकानदारों की चांदी रही। रक्षाबंधन होने के बाद भी बाजार की भीड़ कम नहीं हुई। चाहे राखी की दुकान हो या फिर मिठाई की, हर जगह भीड़ ही भीड़ नजर आई। कहीं पर भाई अपनी बहन को राखी बांधने उसके घर गया तो कहीं बहनें अपने भाई के घर राखी बांधें आईं। पर्व को लेकर सबसे अधिक छोटे बच्चों में उत्साह रहा, जिन्हें कहीं आने जाने की फिक्र नहीं थी। सुबह से ही राखी बांधने और बंधवाने के लिए सज-धजकर तैयार हो गए। बड़े बुजुर्गों की देखरेख में बहनों में भाई को टीका लगाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की, फिर राखी बांधकर रक्षा का वचन लिया। शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डलमऊ, सलोन, सरेनी, ऊंचाहार, जगतपुर, बछरावां, महराजगंज आदि क्षेत्रों में रक्षाबंधन को लेकर लोगों में उत्साह रहा। कस्बाई इलाकों के मिठाई और राखी की दुकानों में खरीददारों का मजमा लगा रहा।