महराजगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को पानी निकासी के विवाद में झोलाछाप ने एक महिला पर चाकूू से ताबड़तोड़ सात वार करके घायल कर दिया। खून से लथपथ महिला की हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। घटना से गुस्साए लोगों ने रायबरेली-महराजगंज मार्ग जाम करके नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसी बीच महराजगंज आ रहे डीएम गुप्ता भी जाम में फंस गए। डीएम के जाम में फंसने की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसडीएम के साथ एएसपी पहुंच गए। समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया गया। आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया गया है। वारदात में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के नवोदय तिराहे पर जमुना प्रसाद और रामू गुप्ता उर्फ श्रीशचंद्र का मकान आसपास है। रामू यहीं पर क्लीनिक चलाता है और परिवार समेत रहता भी है। बताते हैं कि रामू मकान में पानी के लिए मोटर पंप लगाए है। पंप चलाने पर पानी जमुना के मकान के सामने जाकर भर जाता है, जिससे कीचड़ हो जाता है। मंगलवार सुबह जमुना घर पर नहीं था। रामू ने पंप चलाया तो पानी जमुना के घर के सामने भर गया। जमुना की पत्नी जमुनादेई ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। इतनी सी बात पर रामू घर से चाकू ले आया और महिला को उसके घर से घसीटकर गाल, सिर, पीठ पर सात वार किए। इससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों ने बीचबचाव कराया और सूचना पुलिस को दी। इस पर कोतवाली के एसआई मदनलाल पुुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। महिला को सीएचसी के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। घटना के बाद आरोपी क्लीनिक बंद करके फरार हो गया।
इसके बाद घटना से गुस्साए लोगों ने रायबरेली-महराजगंज मार्ग जाम कर दिया और आरोपी के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस बीच जिलाधिकारी अमित गुप्ता महराजगंज जा रहे थे, जो जाम में फंस गए। डीएम के जाम में फंसने की सूचना मिलने पर एसडीएम महराजगंज अमरपाल सिंह और एएसपी राजेश कुमार मौके पर पहुंच गए। जाम लगा देख डीएम भी गाड़ी से नीचे उतर गए और प्रदर्शन कर रहे लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। करीब आधा घंटे तक जाम लगा रहने से आवागमन ठप रहा। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घायल महिला के पति की तहरीर पर आरोपी रामू गुप्ता को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ धारा 307, 504, 506, अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।