बछरावां (रायबरेली)। सीएचसी में बाबू की मनमानी को लेकर गुरुवार को डॉक्टरों व अन्य स्टाफ का गुस्सा भड़क गया। ओपीडी और टीकाकरण को ठप कर सभी ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
चिकित्सक व कर्मचारी अधीक्षक के कमरे के बाहर जमीन पर बैठ गए। इससे महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसीएमओ डॉ. एसके चक ने मौके पर पहुंचकर समस्याओं को सुना और तत्काल काम कराने का आश्वासन दिया, जिस पर करीब दो घंटे बाद ओपीडी और टीकाकरण शुरू हो सका।
बछरावां सीएचसी के बाबू की मनमानी के कारण डीए एरिअर का कई वर्षों से भुगतान नहीं हुआ। सातवें पे कमीशन के एरिअर का भी भुगतान नहीं किया गया।
सर्विस बुक भी अपडेट नहीं की गई है। जीपीएफ अपडेट कराने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वर्ष 2018 का बोनस भुगतान भी नहीं किया गया। इनकम टैक्स के लिए फार्म नहीं भरा गया।
लगातार मनमानी के बाद भी बाबू की कार्यशैली में सुधार न आने पर गुरुवार को डॉक्टरों व अन्य स्टाफ का गुस्सा भड़क गया। डॉ. संजीव शुक्ला, डॉ. प्रभात मिश्रा, डॉ. हुमा कौशर, डॉ. पारुल सिंह, देवराज शुक्ला, आशुतोष सिंह, वीके सैनी, राम मौर्य, दिनेश कुमार, सुनील कुमार, आरती यादव, मिथिलेश पांडेय आदि ने कामकाज ठप कर धरना शुरू कर दिया।
बाद में एसीएमओ के समझाने पर गुस्सा शांत हुआ। एसीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि बाबू की लापरवाही के कारण स्टाफ नाराज हुआ था। मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया गया है। रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी।