शिवगढ़ (रायबरेली)। डॉक्टर के साथ मारपीट करने वाले प्रधान व उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज सीएचसी के डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने ओपीडी ठप कर शनिवार को कलमबंद हड़ताल कर दी।
इससे रोगियों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ा। करीब साढ़े पांच घंटे ओपीडी ठप रही और लगभग 400 रोगी और उनके तीमारदार लौट गए।
दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद कोतवाल ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से बात कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद डॉक्टरों का गुस्सा शांत हुआ।
16 अगस्त को शिवगढ़ सीएचसी में डॉ. वीरेंद्र कुमार के साथ कसना के प्रधान व तीन अन्य लोगों ने अभद्र व्यवहार किया था। आरोप है कि सीने में दर्द का मरीज लाया गया था।
हालत नाजुक होने के कारण मरीज को लखनऊ रेफर किया जा रहा था, लेकिन प्रधान व उसके साथियों ने मरीज को रेफर न करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर को जान से मारने की धमकी दी। मामले में चिकित्सक ने थाने में तहरीर दी थी। आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने से नाराज डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने शनिवार को कलमबंद हड़ताल के साथ ही ओपीडी ठप कर दी। इससे इलाज कराने के लिए आए रोगियों को परेशान होना पड़ा।
स्वास्थ्य कर्मी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। करीब डेढ़ बजे शिवगढ़ एसओ सीएचसी पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद हंगामा थमा।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बताया कि गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है। सभी स्टाफ काम पर डेढ़ बजे के बाद लौट आया है। हालांकि तब तक रोगी अपने घरों को चले गए।
कोतवाल श्रीराम भारती ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर की तहरीर पर कसना प्रधान कृष्णकांत शुक्ला व दीपू सहित दो अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।