गंगा का जलस्तर घटा, नहीं चल रहे पंप
रायबरेली। गंगा नदी का जलस्तर घटने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। हालात ये हैं कि मांग के अनुरूप डलमऊ गंगा तट पर लगे पंप नहीं चल रहे हैं।
यदि यही हालात रहे तो सिंचाई की समस्या और विकराल हो जाएगी। कहने को तो शारदा सहायक नहर में पानी चल रहा है, लेकिन इससे भी किसानों को ज्यादा राहत नहीं मिल पा रही है।
पानी की समस्या के चलते करीब एक लाख से ज्यादा किसानों के सामने धान की बेड़न और रोपाई का संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग के अफसर इस समस्या से राहत दिलाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
किसानों की सिंचाई के लिए जिले में 452 छोटी-बड़ी नहरें हैं। इन नहरों में पानी की आपूर्ति शारदा सहायक नहर और डलमऊ पंप कैनाल से होती है।
गंगा का जलस्तर घटने से इस समय पूरी क्षमता से पंप नहीं चल पाते हैं। इस वजह से समस्या और विकराल हो गई है। मौजूदा समय में पंप चलाने की मांग आठ पंपों की है, लेकिन बड़ी मुश्किल से छह पंप चल पाते हैं।
इससे किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। शारदा सहायक नहर में पानी तो छोड़ा जा रहा है, लेकिन नहरों की सफाई नहीं होने से किसान पानी का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
जिन किसानों के पास निजी संसाधन हैं, उन्होंने किसी तरह धान की बेड़न तो तैयार कर ली हैं, लेकिन अब धान की रोपाई के लिए नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।
खीरों, डलमऊ, ऊंचाहार, जगतपुर राही समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों की नहरों में धूल उड़ रही है। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
किसान रामसनेही, मोतीलाल साहू, बनवारीलाल, शत्रोहन सिंह, कुलदीप गुप्ता ने बताया कि नहरों में पानी नहीं आने से धान की रोपाई का काम पिछड़ रहा है।