तालाबों की खोदाई में 1.74 करोड़ का खेल
रायबरेली। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में 1.74 करोड़ की लागत से 17 तालाबों की खोदाई में घपला जांच में उजागर हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ देवेंद कुमार पांडेय ने इसकी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को भेज दी है। साथ ही तालाबों की जांच टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) से कराने की संस्तुति कर दी है।
मार्च 2015 को लघु सिंचाई विभाग को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में पानी की कमी को दूर कराने के लिए 17 तालाब खोदवाने का जिम्मा दिया गया था। इसके लिए संबंधित विभाग को 1.74 करोड़ रुपये भी दिए गए थे। मामले में सीडीओ देवेंद्र पांडेय ने तकनीकी टीम भेजकर सोतवाखेड़ा, गजपतिखेड़ा और रसूलपुर के तालाबों की रैंडम जांच कराई तो सच्चाई उजागर हो गई।
तकनीकी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं ने तालाबों की खोदाई को लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। जिसके कारण तालाबों की गुणवत्ता बेहद खराब है। टीम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति कर दी। तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव को 17 तालाबों से संबंधित जांच रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही मामले की जांच प्रदेश स्तर पर गठित टीएसी टीम से कराने की संस्तुति भी की है।
सरेनी के बारिश के पानी को रोक जल स्तर उठाना था
जिले में सरेनी क्षेत्र ही ऐसा एक ब्लॉक है जहां जल स्तर सबसे नीचे चला गया है। बारिश के पानी को रोककर जल स्तर पर ऊपर उठाने के मकसद से ही राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत 17 तालाबों की खोदाई के लिए लघु सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन शासन की मंशा पूरी नहीं हो सकी। विभाग के अधिकारियों ने तालाब की खोदाई के नाम पर जमकर मनमानी की।
शिकायत मिलने पर सरेनी में 1.74 करोड़ की लागत से खोदवाए गए तालाबों की रैंडम जांच कराई गई थी। जांच में तकनीकी टीम को जमकर गड़बड़ी मिली थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेज दी है। मामले की जांच जांच टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) से कराने की संस्तुति की गई है।- देवेंद्र कुमार पांडेय, पूर्व सीडीओ/ निदेशक सूडा