स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। शहर को स्मार्ट सिटी बनाए जाने को लेकर भारी भरकम तैयारियां उस समय फेल हो गईं, जब रायबरेली को स्मार्ट सिटी की लाइन से बाहर कर दिया गया। इसको स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए महीनों से तैयारियां चल रही थी। बाकायदा उपलब्धियों वाली 25 पन्ने की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई, लेकिन शुक्रवार को सब धरा रह गया। स्मार्ट सिटी की लाइन से बाहर होने से यहां के लोगों को तगड़ा झटका लगा है।
रायबरेली को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए यहां के लोगों ने न सिर्फ जुलूस निकाले। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आवाज उठाई। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र की उपलब्धियों का गुणगान किया, लेकिन किसी की मंशा पूरी नहीं हो पाई। पालिका सूत्रों ने बताया कि नगर पालिका के बेहतर संसाधनों, सालिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, रोड, पेजयल समेत विभिन्न योजनाओं को लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट इंजीनियर इंडिया लिमिटेड ने तैयार की थी। रिपोर्ट से लग रहा था कि इस बार रायबरेली को स्मार्ट सिटी में शामिल होने से कोई नहीं रोक पाएगा।
सूत्रों ने बताया कि मार्च महीने में यूपी के चीफ सेक्रेट्री के यहां यह रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद ही यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई। बताया गया है कि 25 पन्ने की रिपोर्ट में शहर की खूबियों को समेटा गया था, ताकि इस बार रायबरेली का नाम स्मार्ट सिटी में जरूर आ जाए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि वह विज्ञान भवन दिल्ली में स्मार्ट सिटी के शहरों की घोषणा के दौरान वह मौजूद थे। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट से उम्मीद थी कि रायबरेली का नाम स्मार्ट सिटी में जरूर होगा, लेकिन घोषणा के दौरान रायबरेली का नाम न आने से झटका लगा है, लेकिन वे आगे इसके लिए प्रयास करते रहेंगे।
कहीं न कहीं कोई चूक तो हुई होगी
उद्योगपति उमेश सिकरिया का कहना है कि स्मार्ट सिटी में रायबरेली का नाम नहीं आया तो जाहिर है कि कहीं न कहीं कोई चूक जरूर हुई होगी। यदि इसका नाम स्मार्ट सिटी में आता तो निश्चित रूप से शहर का कलेवर बदलता और रोजगार के अवसर बढ़ते। उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी से रायबरेली का नाम बाहर हो जाने से अफसोस जरूर हैं, लेकिन नगर पालिका को चाहिए कि वह इसके लिए आगे भी प्रयास जारी रखे। उधर, कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विनय द्विवेदी का कहना है कि सांसद सोनिया गांधी का क्षेत्र होने का कारण हर मामले में रायबरेली शहर बेहतर है, लेकिन रायबरेली की जनता से राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए इसको स्मार्ट सिटी से बाहर कर दिया गया।