फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: 800 डीजे संचालकों की होगी निगरानी

Thu, 24 Sep 2026 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जिले के करीब 800 डीजे संचालकों की अब निगरानी होगी। यदि मानक के विपरीत डीजे बजाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर डीजे संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन


दरअसल, बलरामपुर जिले में डीजे की तेज आवाज से अचानक बच्ची की हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। जिले में करीब 800 डीजे संचालक हैं। समय-समय पर पुलिस संचालकों को नियमों के प्रति अवगत कराती है। बावजूद इसके संचालक मनमाने तरीके से तेज आवाज में डीजे बजाते हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अब बलरामपुर की घटना के बाद पुलिस अफसरों ने डीजे संचालकों की निगरानी करने के लिए कहा है। आने वाले दिनों में त्योहार भी पड़ने वाले हैं। ऐसी दशा में पुलिस ने अभी से डीजे संचालकों की निगरानी कर उन पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस उन संचालकों को भी चिह्नित कर रही है, जो हिदायत देने के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर मनमानी करते हैं।
विज्ञापन




ये हैं डीजे बजाने के मानक
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुशवाहा के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुसार रात 10 से सुबह छह बजे तक डीजे व लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। नियमों के तहत आवासीय क्षेत्र में दिन के समय अधिकतम 55 डेसीबल और रात के समय 45 डेसीबल, औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसीबल और रात में 70 डेसीबल, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र में दिन में 65 डेसीबल और रात में 55 डेसीबल की सीमा तय है। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल और न्यायालय के आसपास के साइलेंस जोन में दिन में 50 और रात में 40 डेसीबल से अधिक शोर करना प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि सभी डीजे संचालकों को नोटिस जारी किया जा रहा है।



समय-समय पर थानों में बैठक कर संचालकों को नियम के तहत डीजे बजाने के लिए कहा जाता है। बलरामपुर की घटना के बाद डीजे संचालकों की निगरानी कराने के आदेश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों से कहा गया है कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर संचालकों को नियम से अवगत करा दिया जाए। इसके बाद भी यदि किसी ने नियमों को दरकिनार किया तो सीधे तौर पर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
विज्ञापन

-आलोक सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें