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बिना मान्यता के चल रहे 75 स्कूल

Sat, 22 Apr 2017 11:09 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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शिक्षा का हो रहा बंटाधार - फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग अमेठी के अफसरों की अनदेखी से तिलोई तहसील के तीन ब्लॉकों में धड़ल्ले से बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूल संचालकों की कलई तब खुली, जब डीएम योगेश कुमार ने तीन टीमें बनाकर एक साथ जांच कराई।
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तीनों ब्लॉकों में 75 विद्यालय बिना मान्यता के चलते पाए गए। अप्रैल से शिक्षा सत्र शुरू होने के कारण अब तक स्कूल संचालक लाखों रुपये का वारा न्यारा कर चुके हैं। ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट बीएसए और वहां से डीएम को भेजी है। इस पर एसडीएम तिलोई ने बिना मान्यता वाले सभी 75 स्कूल 3 दिन के अंदर बंद करने के निर्देश दिए हैं। 
तिलोई तहसील दिवस में मंगलवार को शिकायत की गई थी कि क्षेत्र में बिना मान्यता के स्कूल चलाए जा रहे हैं और संचालक अभिभावकों से फीस के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहे हैं। इस शिकायत पर डीएम अमेठी ने बीएसए को टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।
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एसडीएम तिलोई अशोक कुमार शुक्ला, तहसीलदार रामपाल तिवारी, खंड शिक्षा अधिकारी केपी शुक्ला, एबीआरसी बृजेश कुमार सिंह व अन्य ब्लॉकों में टीमें बनाकर एक साथ तिलोई तहसील के स्कूलों की जांच कराई गई, तो 75 विद्यालय बिना मान्यता के चलते पाए गए।

इसमें से कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ तक के स्कूल शामिल हैं। टीमों ने स्कूलों में पहुंचकर संचालकों से दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन 75 में से कोई स्कूल कागजात नहीं दिखा सका। तीनों ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर एसडीएम तिलोई और बीएसए को भेज दी है, जहां से रिपोर्ट डीएम अमेठी को भेज दी गई है।

तिलोई ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी केपी शुक्ला ने बताया कि उनके क्षेत्र में 39, सिंहपुर खंड शिक्षा अधिकारी रियाज अहमद ने बताया कि उनके क्षेत्र में 18 और बहादुरपुर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी शिवबहादुर मौर्य ने बताया कि उनके क्षेत्र में 18 स्कूल बिना मान्यता के चलते पाए गए।

तिलोई एसडीएम अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि बिना मान्यता के चलते पाए गए 75 विद्यालयों के संचालकों को तीन दिन के अंदर स्कूल बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद यदि किसी संचालक ने स्कूल चलाया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 

डीएम अमेठी याेगेश कुमार ने बताया कि इतने ज्यादा विद्यालय बिना मान्यता के  चलते पाया जाना शिक्षा विभाग की लापरवाही का नतीजा है। इन विद्यालयों को किसी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा। संचालक के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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