लालगंज (रायबरेली) क्षेत्र के सेमरपहा गांव में आयोजित होने वाली रामलीला 72 वर्ष पुरानी है। इस बार कोरोना के कारण रामलीला कमेटी की ओर से इसे स्थगित कर दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोग मायूस हैं। आयोजकों की ओर से जानकारी दी गई है कि परंपरा को बनाए रखने के लिए गणेशन मंदिर में शस्त्र और मुकुट की पूजा की जाएगी।
रामलीला कमेटी के मुख्य संरक्षक गोपाल कृष्ण बाजपेई ने बताया कि गांव की रामलीला की नींव 72 साल पहले पंडित गया प्रसाद बाजपेई ने रखी थी। यहां की रामलीला में परंपराओं का जहां रस है, वहीं राम जी के प्रति भक्ति भाव भी देखने को मिलता है। भक्ति भाव दर्शकों सहित रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकारों को नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक बांधे रखता है।
लेकिन इस बार कोविड-19 को देखते हुए रामलीला स्थगित की गई है। दशहरे के दिन निकलने वाली शोभायात्रा, गणेशन मंदिर में लगने वाला विशाल मेला और रावण वध को स्थगित किया गया है। परंपरा को बनाए रखने के लिए सांकेतिक रूप से मुकुट व शस्त्र पूजा की जाएगी।