सीएचसी में गर्भपात के बाद महिला की हालत खराब हो गई। दोबारा अस्पताल पहुंची तो नर्स ने उसे बिना इलाज किए भगा दिया। मामले में महिला ने सीएमओ व सीएचसी अधीक्षक से शिकायत करके जांच कराकर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में टीम से जांच कराने का आश्वासन सीएचसी के अधीक्षक ने दिया है।
डीह क्षेत्र के पूरे सर्वजीत मजरे जगदीशपुर गांव की सरिता पत्नी विजय को पांच दिन पहले पेट में दर्द व ब्लीडिंग होने पर सीएचसी लाया गया था। उसे चार माह का गर्भ था। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद नर्स प्रभा ने रुपये लेने के बाद उसका गर्भपात करा दिया और दवा देकर घर भेज दिया।
बुधवार को महिला की हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा सीएचसी पहुंचाया गया। आरोप है कि नर्स ने इलाज करने से मना कर दिया और अस्पताल से भगा दिया। महिला ने सीएचसी अधीक्षक व सीएमओ को शिकायतीपत्र देकर मामले की जांच कराकर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
डीह सीएचसी के अधीक्षक डॉ. तारिक इकबाल ने बताया कि नर्स के खिलाफ शिकायती पत्र मिला है। गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की सूचना सीएमओ को दे दी गई है। मामले की जांच टीम बनाकर कराई जाएगी। नर्स दोषी होगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डीह सीएचसी की नर्स प्रभा का कहना है कि महिला को ब्लीडिंग हो रही थी। बच्चा खराब हो गया था। महिला को बचाने के लिए दवा खिलाई। इसमें किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं की गई है। बच्चा पेट में ही मर गया था। इससे महिला की जान को खतरा था।