हरचंदपुर (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के मेदनीलाल का पुरवा गांव में सोमवार रात एक मकान में स्लेब डालते समय करंट लगने से दो मजदूराें की मौत हो गई।
हादसे के बाद वहां भगदड़ मच गई। निर्माण में जुटे अन्य मजदूर भाग निकले। आसपास के लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताते हैं कि निर्माण के दौरान मिक्सर मशीन की ट्रॉली में बिजली का कटा केबल छूने से हादसा हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
मेदनीलाल का पुरवा गांव निवासी गुुर प्रसाद लखनऊ-इलाहाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मकान बनवा रहा था। रात में स्लेब डाली जा रही थी।
देर रात करीब 2.30 बजे के आसपास मिक्सर मशीन की ट्रॉली में बिजली का केबल अचानक छू गया, जिससे उसमें करंट उतर आया।
इसी बीच स्लेब डालने में जुटे बछरावां थाना क्षेत्र के बल्दीखेड़ा मजरे सरौरा गांव निवासी करन (20) और लालता प्रसाद (24) करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
यह देख वहां काम कर रहे अन्य साथी मजदूर भाग निकले। किसी तरह से दोनों को ट्रैक्टर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने गांव पहुंचकर घटना की जांच की। थानाध्यक्ष सचिन कुमार गुप्ता ने बताया कि करंट लगने से दो मजदूरों की मौत हुई है। तहरीर के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
जान बचाने के लिए मची भगदड़
मकान के स्लेब डालने के दौरान राहुल, शुभम, रामस्वरूप, अजय, संतोष, चंदराम, नरेंद्र, अजीत भी काम कर रहे थे। घटना के बाद ये सब जान बचाकर भाग निकले।
इन मजदूरों का कहना है कि सब कुछ सही चल रहा था। पता नहीं कैसे मिक्सर में बिजली का केबल छू गया और यह हादसा हो गया।
मजदूरी से चलती थी दो वक्त की रोजी-रोटी
करन और लालता की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है। दोनों की शादी नहीं हुई थी। दोनों मजदूरी कर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाते थे।
उनकी मौत से परिवारीजन की कमर टूट गई है। करन के पिता पुत्तनलाल और मृतक लालता प्रसाद के पिता श्रीकृष्ण कहते हैं कि बेटे खाना खाने के बाद घर से मजदूरी के लिए निकलते थे। हर दिन शाम को घर लौट आते थे, लेकिन घटना वाले दिन रात में ही स्लेब डाली जा रही थी, जिसके चलते हादसा हो गया।