शासनादेश की प्रतीकात्मक प्रतियां जलाई
रायबरेली। शिक्षामित्रों ने तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शासनादेश की प्रतीकात्मक प्रतियां जलाईं और सीएम के खिलाफ नाराजगी जताई। शिक्षामित्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द विचार किया जाए, वरना आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं शिक्षामित्रों की हड़ताल से 200 एकल स्कूलोें में ताला लटकने से 10 हजार से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई ठप है।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में विकास भवन में धरना-प्रदर्शन हुआ, जिसमें शिक्षामित्रों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। धरनास्थल पर पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप यादव ने शिक्षामित्रोें को धैर्य बंधाया और कहा कि सरकार उनके साथ है। सरकार किसी तरह का सौैतेला व्यवहार नहीं करेगी सरकार शिक्षामित्रों के हक के लिए प्रयास कर रही है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, जिला कोषाध्यक्ष विष्णुशरण मौर्य और जिलामंत्री पुष्पेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि सरकार वादाखिलाफी कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का 10 हजार रुपये मानदेय का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षामित्रों ने भाजपा जिलाध्यक्ष और सिटी मजिस्ट्रेट आलोक कुमार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, सुप्रीत शुक्ल, पवन शुक्ल, रामधनी, राज बहादुर यादव, धर्मपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, सदाशिव त्रिपाठी मौजूद रहे।