काला दिवस के रूप में मनाया साक्षरता दिवस
रायबरेली। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस को प्रेरकों व समन्वयकों ने काला दिवस के रूप में मनाया। सभी ने लखनऊ में प्रेरकों पर हुए लाठी चार्ज का विरोध किया। योगी सरकार के कार्यशैली पर साक्षरता कर्मियों ने नाराजगी जताई। कहा कि सरकार तानाशाही पर उतारू है। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी साक्षरता दिवस मनाया गया है।
आदर्श साक्षरता कर्मी वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अर्चना सिंह ने 05 सितंबर को हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि 30 माह से बकाया मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर विगत 10 जुलाई से प्रदेश भर के साक्षरताकर्मी धरने पर हैं। 60 दिनों तक लखनऊ में जारी धरना का जब सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो 05 सितंबर को प्रदेश के सवा लाख साक्षरताकर्मी विधानसभा घेराव के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण कराना चाह रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार लाठीचार्ज कराकर खुद की नाकामी को छुपाने की जो कोशिश की।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह, पारसनाथ मिश्रा ने भी घटना की निंदा की। प्रेरकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस मौके पर सुरेश कुमार, विजय कुमार सिंह, अजमल खान, शिव बहादुर आदि मौजूद रहे।
वहीं अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर महराजगंज में प्रेरकों ने रैली निकाली। सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। ब्लॉक सभागार में संपूर्ण साक्षरता संकल्प दिवस कार्यक्रम आयोजित कर उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 14 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह व बीईओ लालमणि राम कनौजिया ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। कस्बे की मुख्य मार्गों से रैली निकाली गई। ब्लॉक समन्वयक रामजी जायसवाल ने कहा कि जब तक समाज मे निरक्षर रहेंगे। यह अभियान चलता रहेगा। बेहतर कार्य करने वाले प्रेरक जटाशंकर श्रीवास्तव, अनुपमा पांडेय, सुशीलकुमार मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, रमेशकुमार, प्रतिमा, कंचनलता, ललिता समेत 14 लोगों को सम्मानित किया गया। उधर, शिवगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में भी प्रेरकों ने साक्षरता रैली निकाली। बीईओ रामललित वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। प्रेरकों ने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।