शहर के 20 मोहल्लों में शुक्रवार को 60 हजार लोगों को आठ घंटे बिजली और पानी समस्या से जूझना पड़ा। एचटी लाइन का तार टूटने से जहां पावर सप्लाई ठप रही, वहीं पेयजल के संकट भी लोग जूझते रहे। करीब आठ घंटे तक लोगों में हाहाकार मचा रहा।
किसी को दफ्तर जाना था तो किसी को बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना था। दोपहर को बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन ट्रिपिंग की समस्या इसके बाद भी बनी रही। पावर कॉर्पोरेशन की इस व्यवस्था के खिलाफ लोगों ने आक्रोश जताया।
शहर में सुबह चार बजे रूटीन की कटौती हुई। इसके बाद छह बजे बिजली आई। बिजली आए अभी कुछ समय ही बीता था कि इसी दौरान त्रिपुला ट्रांसमिशन से निकले इंदिरा नगर फीडर का तार सैय्यद नगर के पास टूट कर गिर गया।
इससे उपकेंद्र और उससे जुड़े इंदिरा नगर, नेहरू नगर, आनंद नगर, मोहद्दीनपुर, कप्तान का पुरवा, आवास विकास, आशिंक निराला नगर, कचेहरी रोड, कैनाल रोड, सिविल लाइंस समेत 20 मोहल्लों की आपूर्ति बाधित हो गई।
बिजली न आने से इन मोहल्लों में पेयजल संकट खड़ा हो गया। करीब 60 हजार की आबादी को बिजली के साथ ही पानी के संकट से भी जूझना पड़ा। किसी को दफ्तर जाने की जल्दी थी तो किसी को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उन्हें तैयार करना पड़ा।
पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने फॉल्ट ठीक करने में दोपहर तक का समय बिता दिया। इससे आम जनता में पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नाराजगी दिखी।