डीपीआरओ कार्यालय में शनिवार को फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त करते कर्मचारी।
रायबरेली। बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने के षड्यंत्र के खुलासे के बाद जिले में बनाए गए 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को एक साथ निरस्त नहीं किया जा सकेगा। सभी प्रमाणपत्रों को एक साथ निरस्त करने का विकल्प देने से भारत के महापंजीयक कार्यालय ने इन्कार कर दिया है। ऐसे में विभाग जांच के बाद एक-एक प्रमाणपत्र को ओटीपी के आधार पर ही निरस्त कर सकेगा। अभी तक जिले में चार हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त किया जा सका है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में जांच के लिए रायबरेली पहुंची थी। इसी के बाद सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में बड़े फर्जीवाड़े का पता चला था। जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर मो. जीशान व उसके साथियों ने 52,607 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए हैं। इनमें बांग्लादेश, नेपाल के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु पंजाब तक के लोगों के प्रमाणपत्र शामिल हैं।
शासन के आदेश पर 52,607 फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम चल रहा है। एक-एक प्रमाणपत्र निरस्त करने में विभाग को दिक्कत हो रही है। इस बीच डीपीआरओ ने भारत के महापंजीयक कार्यालय से एक साथ सभी फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने का विकल्प मांगा। लेकिन विभाग ने ऐसा करने से मना कर दिया है। महापंजीयक कार्यालय के अनुसार ओटीपी के आधार पर ही प्रमाणपत्र निरस्त किए जा सकेंगे।
जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच हुआ है खेल
सलोन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का पूरा खेल जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच हुआ है। एक-एक दिन में जालसाजों ने 500 से लेकर एक हजार तक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए। देशभर में आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग करके फर्जीवाड़ा किया गया। इसका खुलासा एनआईए की जांच के बाद हो सका।
कहां कितने बने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत प्रमाणपत्र
पाल्हीपुर 13707
नुरुद्दीनपुर 10151
पृथ्वीपुर 9393
सांडा सैदन 4897
माधौपुर निनैया 3746
लहुरेपुर 3780
सिरसिरा 2773
गढ़ी इस्लामनगर 2255
औनानीश 1665
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 231
कालू जलालपुर 07
दुबहन 02
कुल 52607