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बुजुर्गों व दिव्यांगों के जोश के आगे बेबस दिखी लाचारी

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बुजुर्गों व दिव्यांगों के जोश के आगे बेबस दिखी लाचारी
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रायबरेली। चलने-फिरने में लाचार हैं। फिर भी वोट देने की बारी आई तो सबसे पहले ऐसे ही लोग पहुंचे। शहरी इलाके में सोमवार को बुजुर्गों और दिव्यांगों में इतना उत्साह और जोश दिखा कि उनकी लाचारी भी बेबस नजर आई।

जीआईसी मतदान केंद्र में आदर्श नगर की 75 वर्षीय की लक्ष्मी देवी और घंटाघर निवासी 78 वर्षीय चंद्रकांती अग्निहोत्री परिवारीजन के सहारे वोट डालने पहुंची। दोनों ने कहा कि अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए एक-एक वोट महत्वपूर्ण है।
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एसजेएस स्कूल मतदान केंद्र में 80 वर्षीय जेएम सावलानी व्हील चेयर पर तो बुजुर्ग महेंद्र नाथ बेटे का सहारा लेकर वोट डालने पहुंचे। इसी केंद्र पर 83 वर्षीय नरेश चंद्र श्रीवास्तव ने सबसे पहले मतदान किया तो उन्हें प्रशस्तिपत्र मिला।

डिग्री कॉलेज में 80 वर्षीय शिवप्रसाद सैनी, लकी मांटेसरी में सावित्री त्रिपाठी व हरिकरन त्रिपाठी, एमजीआईसी में 85 साल की सरस्वती देवी ने भी मतदान किया और कहा कि वोट का अधिकार मिला है तो इसका सही इस्तेमाल करना जरूरी है।

लकी मांटेसरी में ही बुजुर्ग धरमा देवी और लाठी के सहारे वोट डालने पहुंची बस्तेपुर निवासी संगीता सैनी ने कहा कि मत डालना तो हमारा अधिकार है। तिलोई की 80 वर्षीय राजकली देवी और 80 वर्षीय कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि उम्र किसी भी काम में आड़े नहीं आनी चाहिए।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर किसी को वोट देना जरूरी है। मतदान के लिए 110 साल की सोनपति भी परिवारीजनों की मदद से पहुंची, जबकि 70 वर्षीय महिला राजवती को रिक्शे पर बैठकर मतदान केंद्र पहुंचना पड़ा।
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मतदान केंद्र सरवन में अपनों के साथ वोट डालने के लिए पहुंची जगपता ने कहा कि मतदान जरूरी है। मतदान केंद्र चिलौली में वोट डालने के बाद दिव्यांग पवन कुमार को सहारा देकर सुरक्षा कर्मी ने बाहर तक पहुंचा।
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