रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा कराने के लिए प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इसके लिए शहर के राजकीय इंटर कॉलेज से अलग-अलग रूटोें पर वाहनों के साथ नौ टीमें मंगलवार (29 जनवरी) को दौड़ाई जाएंगी। प्रत्येक टीम में दो शिक्षक, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और दो सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सभी केंद्राध्यक्षों को प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने के लिए स्वयं उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड ने दो चरणों में प्रश्नपत्रों की आपूर्ति जिले को भेजी थी। सभी प्रश्नपत्र जीआईसी में बने स्ट्रॉग रूम में रखे गए हैं जिसकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे के साथ ही सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात हैं। अब इन प्रश्नपत्रों के कार्टन बॉक्स परीक्षा केंद्रों तक कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाने के लिए नौ टीमें बनी हैं। सुबह 7 बजे से वाहनों की रवानगी अलग-अलग रूटों पर शुरू कर दी जाएगी। डीआईओएस ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं परीक्षा केंद्र में उपस्थित रहेंगे। जब तक प्रश्नपत्र प्राप्त नहीं हो जाते, तब तक परिसर ने छोड़ेंगे।
सभी सेंटरों में बनाए जाएंगे स्ट्रांग रूम
सभी परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र प्राप्त होने के बाद उन्हें स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा जिसकी सुरक्षा के लिए वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे संचालित रहेंगे। सक्षम अधिकारी किसी भी समय प्रश्नपत्रों की गोपनीयता का निरीक्षण कर सकते हैं। सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए रात में कम से कम दो कर्मचारी चौकीदार के रूप में लगाएं।
तहसीलों में परीक्षा केंद्र
सदर 28
लालगंज 17
महराजगंज 17
डलमऊ 18
सलोन 19
ऊंचाहार 15
वर्जन
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बोर्ड परीक्षा को लेकर 31 जनवरी को जीआईसी सभागार में दोपहर 2 बजे बैठक होगी। जिसमें सभी केंद्र व्यवस्थापकों को आना होगा। साथ में प्राप्त कराए गए प्रश्नपत्रों का मिलान करते हुए विवरण लाना होगा। अगर पर्याप्त संख्या में प्रश्नपत्र नहीं मिले हैं तो पेपर मिलने के 48 घंटे के भीतर जानकारी दें ताकि समय से प्रश्नपत्रों की कमी पूरी कराई जा सके।
-डॉ. चंद्रशेखर मालवीय, डीआईओएस।