तिलोई (रायबरेली)। डॉक्टरों की लापरवाही से मंगलवार को एक छात्रा की मौत हो गई। पेट में दर्द की शिकायत के बाद उसे अमेठी जिले की तिलोई सीएचसी पहुंचाया गया था लेकिन सीएचसी की इमरजेंसी में डॉक्टर व स्टाफ नर्स मौजूद नहीं मिले।
परिवार डॉक्टरों के आने का इंतजार ही करता रहा और कुछ ही देर में छात्रा ने सीएचसी में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत के काफी देर बाद इमरजेंसी के डॉक्टर अस्पताल पहुंचे।
मामले में मृत छात्रा के भाई ने डॉक्टरों की लापरवाही के कारण बहन की मौत का आरोप लगाया। उसका आरोप है कि सीएचसी में इलाज शुरू किया गया होता तो उसकी बहन की जान बच जाती। अमेठी के सीएमओ से शिकायत करके जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
अमेठी जिले के कटोरवा मजरे फूला गांव के नरेंद्र सिंह की पुत्री साक्षी सिंह (15) कक्षा-नौ की छात्रा थी। मंगलवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद वह घर पहुंची।
इस दौरान खाना खाने के बाद अचानक उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। देखते ही देखते हालत बिगड़ने लगी। घबराए घरवाले उसे लेकर सीएचसी तिलोई पहुंचे लेकिन सीएचसी की इमरजेंसी में डॉक्टर व स्टाफ नर्स मौजूद नहीं मिले।
परिवार यहां डॉक्टरों के आने का इंतजार करने लगा। लेकिन कोई डॉक्टर व नर्स इलाज नहीं पहुंचा। इलाज न होने से छात्रा ने सीएचसी में फर्श पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
मृत छात्रा के भाई अंकुर सिंह ने बताया कि डॉक्टर न होने पर सीएचसी अधीक्षक को फोन भी किया था। उन्होंने डॉक्टर के आने की बात कही थी।
करीब एक घंटे तक इंतजार करता रहा, लेकिन कोई नहीं आया। अंकुर सिंह ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर बहन का इलाज शुरू हो जाता तो उसकी जान बच जाती। भाई ने अमेठी जिले के सीएमओ से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. अवधेश की थी ड्यूटी : अधीक्षक
तिलोई सीएचसी के अधीक्षक डॉ. दयाल शरण दुबे का कहना है कि मंगलवार को उन्हें ही इमरजेंसी करनी थी, लेकिन तबियत खराब होने के कारण डॉ. अवधेश को इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए कहा था। डॉ. अवधेश किसी काम से अमेठी मुख्यालय गए थे। उन्हें आने में देरी हो गई थी। छात्रा की हालत काफी नाजुक थी।
सीएचसी तिलोई में छात्रा की मौत का मामला संज्ञान में आया है। इमरजेंसी में डॉक्टर व स्टाफ मौजूद क्यों नहीं था, इसकी जांच कराई जाएगी। मामले में दोषी पाए गए डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव, सीएमओ अमेठी