रायबरेली। शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे सब्जी, चाट व अन्य दुकानें लगाकर जीवनयापन करने वाले पथ विक्रेताओं के लिए खास खबर है। अब इनको परिचयपत्र जारी किए जाएंगे। साथ ही दुकान लगाने के लिए जमीन भी सुरक्षित की जाएगी। नगर पथ विक्रय समिति का भी गठन किया जाएगा। पथ विक्रेताओं का सर्वे करने का काम नोएडा की कंपनी को साैंपा गया है। यह कंपनी दुकानदारों का सर्वे करके उन्हें आईकार्ड मुहैया कराएगी।
एक नगर पालिका व सात नगर पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर सड़कों के किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर सब्जी व अन्य सामानों की बिक्री की जाती है। अब तक सरकार ने पथ विक्रेताओं के बारे में नहीं सोचा था। ऐसी स्थिति में पथ विक्रेता कभी यहां तो कभी वहां दुकानें रखकर कारोबार कर रहे हैं।
सरकार अब पथ विक्रेताओं को सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है। शहरी क्षेत्रों में पथ विक्रेताओं की संख्या का पता लगाने के लिए सर्वे होगा। सर्वे का काम शासन ने एसईजी एजुकेशनल ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोयडा को सौंपा है।
यह कंपनी पथ विक्रेताओं का सर्वे करके उन्हें परिचयपत्र जारी करेगी। परिचयपत्र में दुकान लगाने के स्थान का भी जिक्र होगा ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उनके स्थान पर दुकान न लगा सके। कंपनी को यह काम अगले दो साल में पूरा करना होगा।
डूडा के परियोजना अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में सड़कों के किनारे दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले पथ विक्रेताओं का सर्वे होगा। सर्वे का काम नोएडा की एक कंपनी को दिया गया है। यही कंपनी सर्वे करके दुकानदारों को आईकार्ड देगी। शहर में जल्द ही यह काम शुरू कराया जाएगा।
स्थलों का भी कराया जाएगा चिन्हीकरण
शहर में लगभग हर सड़क के किनारे पथ विक्रेताओं की दुकानें उपलब्ध हैं लेकिन डूडा की ओर से सुविधा का लाभ शहर की सभी सड़कों पर लग रही दुकानों के संचालकों को नहीं मिलेगा। इसके लिए भी चिन्हीकरण का काम होगा। जहां जाम की स्थिति होगी, वहां वेंडर्स को दुकानें लगाने से वंचित भी किया जाएगा। सुरक्षित स्थानों पर ही दुकानें लगाने की अनुमति मिलेगी।