रायबरेली। भदोखर थाना क्षेत्र में रविवार की रात बाईपास का निर्माण करा रही कंपनी के कर्मचारियों ने एक सुपरवाइजर को कमरे में बंद कर जमकर पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे होश आया। सुपरवाइजर की पिटाई के बाद सुबह बवाल हो गया। गुस्साए श्रमिकों ने मारपीट करने वाले कर्मचारियों को बंधक बना लिया और पिटाई कर दी।
सूचना मिलने पर एसओ ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर सभी को मुक्त कराया। बवाल के चलते बाईपास का निर्माण कार्य ठप हो गया है। कंपनी के कर्मचारियों का कहना था कि सुपरवाइजर वाहनों में डाले जाने वाला ईंधन बेच रहा था, जबकि सुपरवाइजर का कहना है कि श्रमिकों की मजदूरी नहीं दी जा रही है। प्रकरण में अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
शारदा नहर के किनारे से होकर बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। यह कार्य कंपनी हाईड्रो प्राइवेट लिमिटेड करा रही है। मौजूदा समय में इसमें 200 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारी भी निर्माण कार्य करा रहे हैं। रात में भुएमऊ गांव के पास कंपनी के कर्मचारियों ने सुपरवाइजर अजय दुबे को बंद कमरे में पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उसे होश आया।
सुबह सुपरवाइजर की पिटाई की जानकारी से श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों का कहना था कि सुपरवाइजर की ओर से डीजल बेचा जा रहा था। श्रमिकों ने कंपनी के कर्मचारी शुभम, नीरज, त्यागी, विक्की, सिद्धार्थ, जयवीर को कमरे में बंधक बना कर पीटा। श्रमिकों का आरोप था कि पांच-छह माह से मजदूरी नहीं मिली है।
मजदूरी मांगने पर उन लोगों की कंपनी के कर्मचारी पिटाई कर देते हैं। एसओ राजकुमार पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बंधक बनाए कर्मचारियों को मुक्त कराया। इसके बाद मारपीट करने वाले कर्मचारियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। उधर, एसओ का कहना है कि दोनों पक्षों की तरफ से मारपीट की गई है। तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी। घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर निवेंद्र सिंह सिसौदिया ने बताया कि कर्मचारियों में आपसी विवाद हुआ था। बाद में सभी से बात करके शांत करा दिया गया। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को मजदूरी दी जा रही है। किसी की मजदूरी बकाया नहीं है। निर्माण कार्य जल्द पूरा करा लिया जाएगा।