रायबरेली। शहर के ढाई लाख लोगों को जल्द छुट्टा जानवरों से राहत मिलेगी। इसके लिए पुराने कांजी हाउस में ही अस्थायी गोशाला बनाई गई है। इसमें करीब सात लाख रुपये खर्च किए गए हैं। गोशाला में छुट्टा पशुओं के रहने, चारा और पानी का इंतजाम कर दिया गया है। पशुओं के इधर-उधर घूमने की वजह से अक्सर सड़क हादसे होते थे। जल्द ही गोशाला का शुभारंभ करा दिया जाएगा।
नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न चौराहों और गलियों में छुट्टा जानवर घूमते हुए कभी भी देखे जा सकते हैं। इन जानवरों की वजह से न सिर्फ जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है, बल्कि अक्सर सड़क हादसे भी होते हैं। हांकने पर छुट्टा जानवर लोगों को दौड़ा भी लेते हैं। शहर के पटेलनगर में पुराना कांजी हाउस है, जो देखरेख के अभाव में बदहाल हो गया था।
अब इसी कांजी हाउस में अस्थायी गोशाला बना दी गई है, जिसमें करीब सात लाख रुपये खर्च किए गए हैं। पशुओं के पानी के लिए समरसेबुल करा दिया गया है। चरही बनवा दी गई है। चारा की व्यवस्था भी करा दी गई है। यहीं पर अब छुट्टा जानवरों को रखा जाएगा, ताकि वह लोगों के लिए परेशानी का सबब न बन सकें।
छह कर्मियों की हुई तैनाती
नगर पालिका के प्रधान लिपिक आशुतोष सिंह ने बताया कि अस्थायी गोशाला पूरी तरह से तैयार कर ली गई है। अस्थायी गोशाला में एक प्रभारी अधिकारी के साथ ही पांच अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इन सबकी ड्यूटी अस्थायी गोशाला में ही होगी। शहर की सड़कों पर घूम रहे जानवरों को इसी गोशाला में रखा जाएगा।
पटेलनगर स्थित कांजी हाउस में ही अस्थायी रूप से गोशाला बनवा दी गई है। शहर में घूम रहे जानवरों को गोशाला में रखा जाएगा, ताकि लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जल्द ही इस गोशाला का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
- प्रियंका मिश्रा, ईओ, नगर पालिका रायबरेली