रायबरेली। रायबरेली विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार को लाटरी के माध्यम से अमोल विहार में 7.50 करोड़ की संपत्ति 41 लोगों को आवंटित कर दी। 12 एलआईजी मकान और 29 भूखंडों के लिए लोगों ने आवेदन जमा किए थे। लाटरी के माध्यम से शुक्रवार को आवंटियों को भवन व भूखंड अलॉट किए गए। इस दौरान आरडीए में गहमागहमी का माहौल रहा। भवन व भूखंड नहीं मिलने से तमाम लोग मायूस लौटे।
शहर के अमोल विहार में आरडीए ने 29 भूखंड और 19 एलआईजी भवनों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन के बाद शुक्रवार को आडीए में लाटरी के माध्यम से भूखंडों पर एलआईजी भवनों का आवंटन किया गया। सभागार में सबसे पहले 128 वर्ग मीटर के 17 भूखंड, 160 वर्ग मीटर के आठ और 200 वर्ग मीटर के तीन भूखंडों की लाटरी हुई।
29 भूखंडों के लिए 73 लोगों ने आवेदन जमा किए थे, जिसमें 44 लोगों को भूखंड नहीं मिल सके। मात्र 29 लोगों को भूखंड अलॉट कर दिए गए। इसके बाद 19 एलआईजी भवनों की लाटरी शुरू हुई, जिसमें मात्र 12 आवेदन ही जमा होने के कारण सभी को भवन अलॉट कर दिया गया। अमोल विहार में शेष बचे सात एलआईजी भवनों को आवंटित करने के लिए आरडीए नए सिरे से आवेदन पत्र जमा कराएगा।
क्योंकि शुक्रवार को हुई लॉटरी में मात्र 12 आवेदन होने के कारण 19 में मात्र 12 भवन ही आवंटित किए जा सके। उधर भूखंडों में 73 में 44 लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा, क्योंकि मात्र 29 भूखंड ही आरडीए के पास थे। आरडीए के सचिव एके राय ने बताया कि लाटरी के माध्यम से करीब 7.50 करोड़ की संपत्ति का आवंटन किया गया है। इसमें अमोल विहार के 12 एलआईजी भवन और 29 भूखंड शामिल हैं। सात एलआईजी भवन शेष बचे हैं, जल्द ही आवेदन जमा कराकर उनका भी आवंटन कराया जाएगा।