हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा सिर पर है। लेकिन छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र वितरण में मनमानी की जा रही है। जिले के 40 फीसदी स्कूलों में प्रवेश पत्र नहीं बांटे जा सके हैं।
यह हाल तब है, जब प्रवेश पत्रों को पहले ही स्कूलों में भेजा जा चुका है। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है।
छात्र-छात्राओं यह चिंता सता रही है कि यदि समय रहते उन्हें प्रवेश पत्र नहीं मिला तो परीक्षा कैसे देंगे।
वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। 17 फरवरी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं।
परीक्षा के मद्देनजर सभी स्कूलों में प्रवेश पत्र भेज दिए गए हैं। अब स्कूलों में प्रवेश वितरण में लापरवाही बरती जा रही है। इससे छात्र-छात्राएं परेशान हैं कि उन्हें समय पर प्रवेश पत्र मिल पाएगा कि नहीं।
हालांकि स्कूलों में प्रवेश पत्र के नाम पर धन उगाही किए जाने की बात अभी तक सामने नहीं आई है। जनता इंटर कॉलेज गूढ़ा शिवगढ़ के प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार अवस्थी का कहना है कि कॉलेज में प्रवेश पत्र आ गए हैं।
15 और 16 फरवरी के बीच प्रवेश पत्र का वितरण किया जाएगा। कुछ कार्यों की वजह से प्रवेश पत्र वितरण में देरी आई। राजा चंद्रचूड़ सिंह इंटर कॉलेज महराजगंज के प्रधानाचार्य डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि प्रवेश पत्र आ गए हैं।
प्रवेश पत्र वितरण के लिए मंगलवार को मीटिंग की जाएगी। इसके बाद प्रवेश का वितरण कराया जाएगा। छात्र-छात्राएं परेशान न हों। सबको प्रवेश पत्र समय से मिलेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विनय मोहन ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर प्रवेश पत्र सभी स्कूलों में भिजवा दिए गए हैं। कुछ स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो सभी स्कूलों में प्रवेश पत्र का वितरण करा दिया गया है।
जिन स्कूलों में प्रवेश पत्र नहीं बंटे हैं, वहां के प्रधानाचार्यों से जल्द प्रवेश पत्र वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश पत्रों में कुछ त्रुटियां आई हैं।
त्रुटियों को सही कराने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को दी गई है। यदि कोई प्रधानाचार्य लापरवाही करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।