रायबरेली। शहर में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए 1200 करोड़ रुपये से प्रस्तावित रिंग रोड के दूसरे फेज का काम तेजी से चल रहा है। 40 फीसदी काम पूरा हो गया है। अब रिंग रोड के साथ पुलों का निर्माण शुरू करा दिया गया है। रिंग रोड के बनने से शहर में पांच लाख लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
कई साल पहले शहर में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए रिंग रोड के निर्माण का ताना-बाना बुना गया था। रिंग रोड के दूसरे फेज का निर्माण वर्ष 2025 में शुरू हुआ है। 22 किमी लंबे रिंग रोड को फोरलेन बनाया जा रहा है। इससे लखनऊ और प्रयागराज की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।
शहर में आए दिन होने वाली जाम की समस्या से भी लोगों को छुटकारा मिलेगा। यह रिंग रोड रायबरेली-लखनऊ हाईवे पर डिडौली स्थित महिंद्रा एजेंसी से 21 गांवों से होकर भांव गांव के पास रायबरेली-प्रयागराज हाईवे को जोड़ेगा। रिंग रोड छोड़ी-बड़ी आठ सड़कों के ऊपर से निकला है। इन सड़कों पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इस रिंग रोड के बनने से जिले के अलावा लखनऊ, प्रतापगढ़, अमेठी, प्रयागराज, फतेहपुर जिले के लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।
अब तक 40 फीसदी काम पूरा
कार्यदायी एजेंसी एसकेएस रिंग रोड का निर्माण तेजी से करा रही है। मिट्टी भराई के साथ गिट्टियों की कुटाई हो रही है। जहां-जहां सड़कों के ऊपर से रिंग रोड निकल रहा है, वहां पर पुलों का निर्माण भी कराया जा रहा है। कार्यदायी एजेंसी को समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - नुसरतुउल्ला खान, परियोजना निदेशक, सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय