मदहे सहाबा के जुलूस में दिखी एकता की मिसाल
परशदेपुर (रायबरेली)। परशदेपुर कस्बे में रविवार को मदहे सहाबा का जुलूस निकला, जिसमें हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल भी दिखी। इसमें मुस्लिमों के साथ ही हिंदुओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल सभी वर्ग के लोगों ने संदेश दिया कि परशदेपुर में हिंदू मुस्लिम सभी लोग एक-दूसरे के त्यौहार में सहयोग करते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
कस्बे के मदरसा तालीमुददीन निदाय हक नसीराबाद, बसंतगंज, रेवली, सलोन, जायस आदि इलाकों के मदरसों एवं अंजुमनों के लोगों ने जुलूस में शिरकत की। यह जुलूस परशदेपुर कस्बे में घूमा। इस दौरान नात पढ़ी गई। अंजुमनों के सदस्यों ने पढ़ा- सिद्दीक किरदार भी हो, फारूकी ललकार भी हो। सलोन की अंजुमन ने पढ़ा- हम मदहे सहाबा की धूम मचा देंगे, ये जज्बा-ए-ईमानी आलम को दिखा देंगे। नसीराबाद से आई अंजुमन ने भी नात पढ़ी।
अंसार चौक में सजे मंच पर मौलाना मो. इस्लाम नदवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने हमेशा शांति का पैगाम दिया और बताया कि हमें आपस में प्रेम से रहना चाहिए। हमें मोहम्मद साहब के बताए रास्तों पर चलना चाहिए। मंच का संचालन कर रहे मो. कासिम हुनर ने कहा कि आज के दिन हम मोहम्मद साहब व उनके सहाबा की याद करते हैं और उनकी शान में नात व तारीफ बयान करते हैं। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जमाल अख्तर ने कहा कि हमें आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए और एक-दूसरे के त्योहार में सहयोग करना चाहिए। नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद कौशल ने कहा कि सारे गिले-शिकवे दूर कर एक-दूसरे के त्योहार में मिलजुल कर साथ रहना चाहिए। इस मौके पर मौलाना मो. जैद, अब्दुल शमी खान, लाल बाबू, मो. अफसर, बब्लू सलमानी आदि मौजूद रहे।