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पांच हजार बालिकाओं के सामने पेयजल संकट

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10 में से 7 राजकीय बालिका विद्यालयों में आरओ, वो भी खराब
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रायबरेली। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बालिका विद्यालयों में पेयजल के लिए हैंडपंप लगाने के मामले में टिप्पणी करते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट का कहना है कि जब अधिकारी अपने दफ्तर में आरओ का पानी पी रहे हैं तो छात्राओं को हैंडपंप का पानी क्यों। हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया है कि स्कूल में सबमर्सिबल पंप से टंकी भरी जाए, फिर आरओ के जरिये पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो। लेकिन जिले के 10 राजकीय बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली पांच हजार छात्राओं को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। आरओ की कौन कहे, यहां हैंडपंप का शुद्ध पानी तक उन्हें नसीब नहीं हो रहा है।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन ये महज कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र की बात की जाए तो 34 लाख की आबादी होने के बावजूद राजकीय बालिका विद्यालयों की संख्या महज 10 है। जो स्कूल हैं वहां तमाम अव्यवस्थाएं हैं। महज सात विद्यालय ऐसे हैं, जहां आरओ तो लगे हैं, लेकिन लंबे समय से खराब पड़े हैं।
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शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आरओ मशीन और इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। एक हैंडपंप ठीक है, जो गंदा पानी उगलता है। ऐसे में यहां पढ़ने वाली 500 छात्राओं को प्रतिदिन पेयजल संकट से दो-चार होना पड़ता है। इसके अलावा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महराजगंज, राजकीय बालिका विद्यालय ओसाह शिवगढ़ में तो आरओ लगा ही नहीं है। कमोबेश यही हाल हर बालिका विद्यालय का है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बालिका विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

पानी की जांच तक नहीं होती
राजकीय बालिका विद्यालयों में जिन हैंडपंपों के सहारे बालिकाओं की प्यास बुझ रही है, उस पानी की जांच तक नहीं कराई जाती है। परिणामस्वरूप इन हैंडपंपों का पानी पीने से बालिकाओं के बीमार होने का खतरा बना रहता है। फिर भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

सेहत के लिए ठी नहीं दूषित पानी
जिला अस्पताल के डॉ. दीपेंद्र सिंह का कहना है कि दूषित पेयजल सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके प्रयोग से डायरिया के साथ मियादी बुखार होने का खतरा रहता है। यहां तक लीवर और आंत में कई बीमारियां हो जाती हैं। उनका कहना है कि दूषित पानी पीने की वजह से लोग बीमार होते हैं और कई मामलों में तो मौत तक हो जाती है। इसलिए आरओ का पानी पीना चाहिए। यदि आरओ का पानी न हो तो जो पानी मिले, उसे उबालकर पीना चाहिए। ऐसा करने से लोगों के बीमार होने का खतरा कम रहता है।
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राजकीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंप लगाए गए हैं। यदि कहीं पर हैंडपंप खराब हैं तो उन्हें ठीक कराया जाएगा। साथ ही हर स्कूलों में जल्द आरओ लगवाने की व्यवस्था कराई जाएगी।- गिरधारीलाल कोली, जिला विद्यालय निरीक्षक
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