त्रिपुला पावर हाउस स्थित वर्कशॉप में रखे ट्रांसफार्मर।
रायबरेली। जिले में बारिश नहीं होने से बिजली व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में दिनभर ट्रिपिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में रात की अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। लो-वोल्टेज की समस्या ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इससे न केवल बिजली के उपकरण प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि जुलाई में अब तक करीब 300 ट्रांसफार्मर भी फुंक चुके हैं। इनमें सबसे अधिक कृषि नलकूपों के ट्रांसफार्मर शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लाइन फॉल्ट और लो-वोल्टेज के कारण ट्रांसफार्मर अधिक खराब हो रहे हैं।
बीते दिन जिले में बिजली की मांग 360 मेगावाट से बढ़कर करीब 370 मेगावाट पहुंच गई। बढ़े लोड के कारण कई स्थानों पर लाइनें ओवरलोड हो रही हैं। कहीं तार टूटने तो कहीं लाइन फॉल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। हालात यह हैं कि त्रिपुला स्थित कार्यशाला में प्रतिदिन 10 से 15 खराब ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए पहुंच रहे हैं।
ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को कई-कई दिन तक बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। किसानों को सिंचाई में दिक्कत आ रही है, जबकि घरेलू उपभोक्ता भी लो-वोल्टेज के कारण परेशान हैं।
शहर में ट्रिपिंग, गांवों में अघोषित कटौती
बिजली की मांग बढ़ने से शहर के आचार्य द्विवेदी नगर, आईटीआई, गोराबाजार, रतापुर, छजलापुर और अमावां रोड क्षेत्रों में दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही। एसपी आवास के पास ट्रांसफार्मर की केबल जलने से हर्ष नगर, महानंदपुर, गिरीश शाह का पुरवा, सिविल लाइन, लक्ष्मी नगर और राजकीय कॉलोनी में दोपहर करीब ढाई बजे से तीन बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय दो घंटे तक अघोषित कटौती शुरू हो गई है। कई उपकेंद्रों से रात आठ से 10 बजे और कहीं 10 से 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।