पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के निधन पर बिना आदेश ही मंगलवार को 300 से अधिक स्कूलों में ताले लटके रहे। तमाम स्कूलों में ताले खुले भी, लेकिन शोकसभा करके स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मामले में बीएसए ने सभी बीईओ से बंद रहे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी हैं।
पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर मंगलवार को हेडमास्टरों ने बिना किसी आदेश के ही परिषदीय स्कूल बंद कर दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे तो स्कूल आए, लेकिन टीचर नहीं पहुंचे।
तमाम स्कूलों में टीचर व बच्चे दोनों आए, लेकिन शोकसभा करने के बाद स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षण कार्य नहीं हुआ। छुट्टी के संबंध में बीएसए की ओर से कोई आदेश नहीं जारी किया गया।
इसके बाद भी शिक्षकों ने मनमानी करते हुए स्कूल बंद कर दिए। स्कूल बंद होने की सूचना मिलने पर बीएसए ने सभी बीईओ को मंगलवार को बंद रहे स्कूलों की सूची देने का आदेश दिया है।
उन्होंने बीईओ को बुधवार को हरहाल में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि छुट्टी की कोई घोषणा नहीं की गई। इसके बाद भी जो स्कूल बंद रहे, उनके शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।