रायबरेली। पंचायत सचिवों की तैनाती न होने के कारण 30 से अधिक गांवों में विकास के साथ ही कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कामकाज ठप है। इसके चलते ही कई पंचायतों में तो चार माह से आवंटित बजट की कोई धनराशि तक खर्च नहीं हुई है। इसका सीधा खामियाजा गांवों के आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जिले की 980 ग्राम पंचायतों में विकास कराने के लिए कई पंचायतों को जोड़कर क्लस्टर बनाए गए हैं। इन्हीं क्लस्टरों में पंचायत सचिवों की तैनाती की जाती है। पंचायत सचिवों पर कार्रवाई होने के बाद अब तक नए कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। दीनशाह गौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिन्नवा, झरहा, सांई, बेहीखोर, बांसी, टीकर अगाचीपुर, अंबारा, मुरैठी गांवों में तो करीब चार माह से विकास कार्य ठप है।
इसके साथ ही जगतपुर, खीरों और सरेनी ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में भी पंचायत सचिवों की तैनाती न होने से विकास कार्य ठप होने के साथ ही आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि इस संबंध में ब्लॉकों से प्रस्ताव आए हैं। इसके आधार पर जल्द ही डीएम से अनुमोदन लेकर ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।