जिले के विकास के लिए सोमवार को तीन अरब 60 करोड़ नौ लाख की जिला योजना को हरी झंडी मिल गई है। समाज कल्याण राज्य मंत्री व जिले के प्रभारी नरेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में बचत भवन में हुई बैठक में जिला योजना को पास किया गया।
पर्यटन, स्वास्थ्य शिक्षा और विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन अनुसूचितजाति के विकास के साथ ही प्राविधिक शिक्षा, हथकघा विकास, भूमि सुधार व रेशम उद्योग के लिए बजट की व्यवस्था नहीं की गई है।
वर्ष 2016-17 में जिले के विकास के लिए बनाई गई जिला योजना को पास कराने के लिए बचत भवन में सोमवार को बैठक हुई। बैठक में सभी विभागों के प्रस्तावों व उनके कार्यों को चेक किया गया। सदन में एक-एक करके सभी विभागों के प्रस्ताव को पास करते हुए जिला योजना से विकास कराने को स्वीकृति दी गई है।
जिले प्रभारी व समाज कल्याण मंत्री नरेंद्र वर्मा ने कहा कि जिला योजना के माध्यम से जिले के चहुंमुखी विकास कराने का प्रस्ताव पास किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि जिला योजना के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कार्यों को कराया जाएगा।
इस बार जिला योजनाओं में जिले के लिए जरूरी कार्यों को शामिल किया गया है। वन विभाग के सात करोड़ 30 लाख के प्रस्ताव को बढ़ाकर नौ करोड़ 30 लाख रुपये कर दिया गया है।
जिला योजना में इस बार मेजरगंज में पशु चिकित्सालय, हमीदपुर बड़ागांव में बाउंड्रीवाल बनाने का प्रस्ताव है।
छतोह ब्लॉक कार्यालय का नया भवन, 450 मध्यम नलकूपों की स्थापना, चेकडैम निर्माण, सई नदी पर पक्का बांध, राजकीय नलकूपों में सुधार, 700 सोलर लाइट, बाल्हेश्वर मंदिर, समसपुर पक्षी विहार, विन्ध्वासिनी मंदिर व डलमऊ मेला व गेगासों में पर्यटन विकास का प्रस्ताव पास हुआ।
1340 गांवों में 134 करोड़ की लागत से सोलर आधारित वाटर पंपों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा नलकूपों में लो-वोल्टेज की समस्या से निजात के लिए 300 नलकूपों में स्टेबलाइजर के लिए तीन करोड़ का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा शहर में अंडर ग्राउंड वायरिंग का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में बछरावां विधायक रामलाल अकेला, सरेनी विधायक देवेंद्र सिंह, सलोन विधायक आशा किशोर, डीएम सूर्यपाल गंगवार, सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ आरएन सिंह, पीडी इंद्रसेन सिंह, बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।