जिले के 25 हजार मुसाफिरों को अब रोडवेज बस से सफर करने के लिए जेब और खाली करनी पडे़गी। परिवहन निगम के आए आदेश के बाद रायबरेली डिपो में किराए की नई दरें लागू कर दी गई हैं। छह माह में तीसरी बार बसों का किराया बढ़ाए जाने से मुसाफिरों के चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता है।
एक तरफ समय-समय पर जहां किराया बढ़ाया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर नहीं दिया जा रह है। खटारा बसों का संचालन सड़कों पर किया जा रहा है। मौजूदा समय में रायबरेली डिपो में 75 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों से प्रतिदिन 25 हजार मुसाफिर सफर करते हैं।
इसमें से कुछ बसें खटारा हैं, जो आए दिन खराब होने से बीच में ही खड़ी हो जाती हैं। इससे यात्रियों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बावजूद 100 किमी की यात्रा के लिए पांच रुपये अधिक किराया बढ़ा दिया है। इससे लखनऊ, कानपुर समेत अन्य शहरों को जाने के लिए और जेब खाली करनी पड़ेगी।
इनसेट
स्थान पहले किराया अब किराया (रुपये में)
लखनऊ 80 84
इलाहाबाद 112 119
कानपुर 107 112
सुल्तानपुर 83 87
फैजाबाद 137 144
दिल्ली 489 517
आगरा 355 389
काठगोदाम 419 443
किराया बढ़ाए जाने से मुसाफिरों में नाराजगी है। स्टेशन पर गंतव्य स्थान जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे मुसाफिर पूनम शुक्ला, नीरज कुमार, उज्ज्वल व मनोज कुमार कहते हैं कि वैसे भी महंगाई से परेशानी है। अब बसों का किराया भी बढ़ा दिया गया है।
यह निराशाजनक है। इनका कहना है कि समय-समय पर विभागीय अधिकारियों की ओर से बसों का किराया तो बढ़ा दिया जाता है, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं पर खास ध्यान नहीं दिया जाता। स्टेशन की साफ-सफाई नहीं कराई जाती। पानी तक की सुविधा राम भरोसे है। खटारा बसें दौड़ाई जा रही हैं। इससे यात्रियों की जिंदगी हर पर दांव पर रहती है। किराया बढ़ाया जाना कदम किसी तरह ठीक नहीं है।
एआरएम आरपी सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आए आदेश के बाद नए किराए की दरें लागू कर दी गई हैं। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत अन्य रूटों पर सफर करने के लिए मुसाफिरों को बढ़ा हुआ किराया देना होगा। विभाग की ओर से यात्रियों को बस सेवा का बेहतर लाभ दिया जा रहा है। डिपो की बसें फिटफाट हैं। कहीं कोई दिक्कत कभी नहीं आती है।