यही नहीं खांसी, जुकाम के रोगी भी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इधर, सर्दी में रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। खासकर कोल्ड डायरिया के रोगी जिला अस्पताल में अधिक आ रहे हैं।
सोमवार को राही के रुस्तमपुर निवासी सुनील कुमार (छह माह), गोचरा निवासी अभिषेक (दो), दीनशाहगौरा की रेशमी (तीन माह), सतांव निवासी सौम्या (सात माह), रघुनाथपुर की पायल (चार माह), राही निवासी नरेंद्र (छह माह), डलमऊ के विकास (ढाई माह), गुरुबख्शगंज निवासी सतेंद्र (एक), अंबुज (तीन), सहजौरा के अंकुर (चार), हरचंदपुर के सलेमपुर निवासी रवि (4), राही के मुंशीगंज कस्बे की उर्मिला (25), शांती (30), जगतपुर क्षेत्र के नवाबगंज के प्रहलाद (30), टीकर अगाचीपुर के राहुल (20), ऊंचाहार के अंजनी प्रसाद (23), इस्माइल (34) समेत 25 लोगों को कोल्ड डायरिया से बीमार होने पर भर्ती किया गया है।
सीएमएस डॉ. एनके सक्सेना का कहना है कि जिला अस्पताल आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज करने का प्रयास कराया जा रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह ने कहा कि सर्दी के चलते बच्चे कोल्ड डायरिया के चपेट में आ रहे हैं।
थोड़ी सी लापरवाही से बच्चों की जान का भी खतरा रहता है। परिवारीजनों को चाहिए कि वह बच्चों को सर्दी से बचाएं। गर्म कपडे़ पहनाएं। सर्दी से बचाएं।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. बीरबल ने कहा कि सर्दी के कारण रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस समय सर्दी बच्चों के साथ ही युवाओं और बुजुर्गों के लिए परेशानी दायक है।
बुजुर्गों में सांस और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है। साथ ही कोल्ड डायरिया हो सकता है। इनसे संबंधित रोगी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को चाहिए कि वह सर्दी से बचें।
गर्म कपड़े पहनें। गाड़ी चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें। खानपान पर विशेष ध्यान दें।