रायबरेली। दिवाली पर पटाखों से झुलसे लोगों के साथ ही अन्य बीमार मरीजों के इलाज के लिए 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू हो गई है। जिला अस्पताल और 19 सीएचसी में आपातकालीन सेवाएं संचालित की गई हैं। अधीक्षकों को इमरजेंसी में चिकित्सक व अन्य स्टाफ उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। झुलसे मरीजों का इलाज सीएचसी स्तर पर होगा। गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
जिला अस्पताल में बर्न वार्ड को अलर्ट करा दिया गया है। यहां 12 बेड आरक्षित किए गए हैं। सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, फिजीशियन व अन्य चिकित्सकों को तुरंत पहुंचने के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि दिवाली में मरीजों को इमरजेंसी में सभी सुविधाएं मिलेंगी। पटाखों व अन्य कारणों से झुलसे व घायल लोगों के इलाज के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चलेगी। अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पटाखों से आंखों को बचाएं : डॉ. धर्मेंद्र
दिवाली पर पटाखे फोड़ें, लेकिन एहतियात बरतें। खासकर आंखों को बचाकर रखें। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि जहां तक हो सके बच्चों को धमाके व बड़े पटाखों से दूर रखें। पटाखे फोड़ते समय बच्चों के साथ जरूर रहें। थोड़ी सी लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। पटाखों के कारण आंखों को समस्या होने पर नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।